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यहोवा मोहसे कहेस, “तू पचन्क इस्राएल क प्रमुखन क बारे मँ इ करूण गीत क गावइ चाही।
“‘कइसी सिंहिनी अहइ तोहार पचन्क महतारी? उ सिंहन क बीच एक ठु सिंहिनी रही। उ जवान सिहंन मँ घिरी रहत रही अउर आपन बचवन क लालन-पालन करत रही।
उ आपन बच्चन मँ स एक ठु क लालन-पालन किहेस। उ एक ठु जवान सिंह होइ गवा ह। उ आपन भोजन पाउव सीख लिहस ह। उ एक मनई क मारेस अउर खाइ लिहेस।
लोगन ओका गरजत सुनेन अउर उ पचे ओका आपन जालि मँ फँसाइ लिहस। उ पचे ओकरे मुँहे मँ नकेल डाएन अउर जवान सिंह क मिस्र लइ गएन।
सिंह महतारी क आसा रही कि सिंह बच्चा प्रमुख बनी। किन्तु अब ओकर सारी आसा लुप्त होइ गइन। एह बरे आपन बच्चन मँ स उ एक दूसर क लिहस। ओका उ सिंह होइ क प्रसिच्छण दिहस।
उ जवान सिंहन क संग सिकार क निकरा। उ एक ठु बलवान जवान सिंह बना। उ आपन भोजन क धरब सीखेस। उ एक ठु मनई क मारेस अउर ओका खाएस।
उ महलन पइ हमला किहस। उ नगरन क बर्बाद किहस। उ देस क हर एक मनई तब भय स अवाक होत रहा। जब उ ओकर गरजत सुनत रहा
तब ओकरे चारिहुँ कइँती रहइवाले लोग ओकरे बरे जालि बिछाएन अउर उ पचे ओका आपन जालि मँ फँसाइ लिहन।
उ पचे ओह पइ नकेल लगाएन अउर ओका बंद कइ दिहन। उ पचे ओका अपने जालि मँ बंद रखेन। इ तरह ओका उ पचे बाबुल क राजा क लगे लइ गएन। अब, तू पचे इस्राएल क पर्वतन पइ ओकर गरजब सुन नाहीं सकत्या।
तोहार पचन्क महतारी एक ठु अंगूरे क बेल जइसी रही, जेका पानी क लगे बोवा गवा रहा। ओकरे पास काफी पानी रहा, एह बरे उ अनेक सवतीसाली बेलन पइदा किहस।
तब उ एक बड़की डार पइदा किहस, उ डार टहरइ क छड़ी जइसी रही। उ डार राजा क राजदण्ड जइसी रही। बेल ऊँची, अउर ऊँच होत गइ। एकर ढेर डारन रहिन अउर उ बादरन क छुअइ लाग।
किन्तु बेल क जड़ स उखाड़ दीन्ह गवा, अउर ओकर भुइँया पइ बहाइ दीन्ह गवा। गरम पुरवइया हवा चली अउर ओकरे फलन क झुराइ दिहस सवतीसाली डारन टूट गइन, अउर ओनका आगी मँ फेंक दीन्ह गवा।
किन्तु उ अंगूरे क बेल अब रेगिस्ताने मँ बोइ गइ अहइ। इ बहोत झुरान अउर पियासी धरती अहइ।
बिसाल डारे स आगी फइली। आगी ओकर सारी टहनियन अउर फलन क बारि दिहस। एह बरे कउनो सहारा क सवतीसाली वुबरी नाहीं रही। कउनो राजा क राजदण्ड नाहीं रहा।’ इ मउत क बारे मँ करूण-गीत रहा अउर इ मउत क बारे मँ करूणगीत क रूप मँ गावा गवा रहा।”